भारत के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह का इस साल खराब फॉर्म जारी है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पिछले 2 वनडे में उन्हें विकेट के लिए जूझना पड़ा है। पूर्व तेज गेंदबाज मनोज प्रभाकर ने कहा कि बुमराह फिलहाल चोट से लौटे हैं और उन्हें फिर से चोट लगने का डर हो सकता है। इस वजह से भी कभी-कभी बॉलर्स की परफॉर्मेंस बिगड़ जाती है।

एकबार चोट लगने के बाद फिर से चोट लगने का डर

प्रभाकर ने कहा, 'जब आप चोट से रिकवर होकर क्रिकेट में वापसी करते हैं, तो आपके अंदर ऐसी मनोवैज्ञानिक स्थिति बन जाती है कि कहीं आपको फिर से चोट न लग जाए। आप डरते हैं और ज्यादा सावधान हो जाते हैं। मुझे नहीं पता बुमराह के साथ ऐसी स्थिति है या नहीं।'

ऑस्ट्रेलिया में बॉलिंग लेंथ एडजस्ट करना सबसे मुश्किल

प्रभाकर ने कहा, 'सभी गेंदबाज के साथ ऐसा होता है। मेरे साथ भी इसी तरह की स्थिति बनी थी। मुझे फॉर्म में वापस आने में एक साल लग गया था। जब भी गेंदबाज के मन से डर वाली बात हट जाती है, तब वह फॉर्म में लौट आता है। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया में बॉलिंग लेंथ एडजस्ट करना सबसे ज्यादा मुश्किल है।'

प्रभाकर ने कहा, 'जब मैं ऑस्ट्रेलिया टूर पर पहुंचा था। मुझे लगा कि मेरी कुछ बॉल जो भारत के पिच पर स्टंप पर जाकर लगती थी, वो ऑस्ट्रेलिया में स्टंप के ऊपर से निकल जाती थी। मैंने इसपर काफी प्रैक्टिस की और अपने लेंथ को एडजस्ट किया। मैं काफी जल्दी इससे उबर गया था।'

वनडे की तुलना में टी-20 में बॉलिंग करना आसान

इससे पहले पूर्व क्रिकेटर मदन लाल ने कहा था कि वनडे की तुलना में टी-20 में बॉलिंग करना ज्यादा आसान है। उन्होंने कहा, '50 ओवर में बैट्समैन के पास समय होता है। वे एडजस्ट कर सकते हैं। आप 4 से 5 ओवर बिन स्कोर किए निकाल सकते हैं। वहीं, टी-20 में बैट्समैन को हर बॉल को हिट करना होता है।'

IPL में सेकंड हाईएस्ट विकेट टेकर

ऑस्ट्रेलिया ने भी बुमराह के खिलाफ यही रणनीति अपनाई है। कोई भी ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज बुमराह के खिलाफ रिस्क नहीं ले रहा है। सभी ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज उन्हें संभल के खेल रहे हैं। जबकि इंडियन प्रीमियर लीग के 13वें सीजन में मुंबई इंडियंस से खेलने वाले बुमराह ने 27 विकेट लिए थे और टूर्नामेंट के सेकंड हाईएस्ट विकेट लेने वाले गेंदबाज थे।

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2 वनडे में हुई धुनाई

उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पिछले 2 मैच में 2 विकेट लिए हैं। उन्होंने पहले वनडे में 10 ओवर में 73 रन और दूसरे वनडे में 79 रन दिए थे। पहले वनडे में उन्होंने पावर-प्ले के दौरान ओपनिंग स्पेल में 4 ओवर में 23 रन देकर कोई विकेट नहीं लिया था। जबकि दूसरे वनडे में उन्हें ओपनिंग स्पेल में सिर्फ 2 ओवर मिला, जिसमें उन्होंने 9 रन दिए और कोई विकेट नहीं मिला।

बैक इंज्युरी के कारण 2019 के सेकंड हाफ में नहीं खेले थे

बुमराह ने 2018 में 13 वनडे मैच में 16.64 की औसत से 22 विकेट लिए थे। 2019 में उन्होंने 14 वनडे मैच में 24.60 की औसत से 25 विकेट लिए थे। 2019 के दूसरे हाफ में वे लोअर बैक की इंज्युरी के कारण इंटरनेशनल क्रिकेट से दूर हो गए थे।

बुमराह का 2020 में खराब प्रदर्शन

इस साल जनवरी में वापसी के बाद से उन्होंने 8 वनडे मैच में सिर्फ 3 विकेट लिए हैं। बुमराह को 2020 में एक विकेट के लिए 152 गेंद फेंकनी पड़ी है। वहीं एक विकेट के लिए उन्होंने 146 रन दिए हैं। पिछले साल के स्ट्राइक रेट और औसत की तुलना में ये कहीं ज्यादा हैं।

साल स्ट्राइक रेट औसत
2016 24.1 14.64
2017 30.6 26.25
2018 27.5 16.63
2019 31.8 24.6


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बुमराह ने 2020 में 8 वनडे मैच में सिर्फ 3 विकेट लिए हैं। प्रभाकर (दाएं) ने कहा बुमराह जल्द ही इससे उबरेंगे।

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